नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के हादसे ने राजधानी में जर्जर इमारतों और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 7 पहुंच गई. बचाव दल अभी भी मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. बता दें कि इमारत गिरने का सीसीटीवी फुटेज में भी सामने आया है. जिसमें दिख रहा कि कैसे पल भर में इमारात जमींदोज हो गई.
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक स्थानीय जांच में सामने आया कि हादसे की चपेट में आई इमारत करीब 40 से 50 वर्ष पुरानी थी. इमारत में बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी आवास के तौर पर किया जा रहा था. घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था. इसी दौरान अचानक इमारत का हिस्सा ढह गया और वहां मौजूद लोग मलबे में दब गए.
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, कैट एंबुलेंस और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं. मलबा हटाने का काम शुरू किया गया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया.
एम्स के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में 10 मरीज लाए गए थे. इनमें चार को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया, जबकि गंभीर हालत में भर्ती एक मरीज ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. अन्य घायलों का इलाज किया गया. एक मरीज की अंग संबंधी चोट की सर्जरी की गई, जबकि मामूली चोट वाले एक मरीज को निगरानी के बाद छुट्टी दे दी गई. सफदरजंग अस्पताल में भर्ती 19 वर्षीय युवक की हालत स्थिर बताई गई है.
comments (0)
Login or Register to leave a comment.