वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आज गिरावट देखने को मिली है. इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका में उम्मीद से अधिक आए महंगाई के आंकड़े हैं. इन आंकड़ों के सामने आने के बाद बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' इस सप्ताह होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है. इस आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे कीमती धातुओं की चमक कुछ कम हुई है.
गणेश चतुर्थी के कारण भारतीय बाजार (MCX) के समय में बदलाव
भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज गणेश चतुर्थी के त्योहार के अवसर पर विशेष व्यवस्था की गई है. त्योहार के कारण सोमवार को सुबह के सत्र में कारोबार पूरी तरह बंद रहा. एमसीएक्स पर कमोडिटी की ट्रेडिंग केवल शाम के सत्र में होगी, जो शाम 5:00 बजे शुरू होकर रात 11:30 बजे तक चलेगी.
कारोबार बंद होने के समय, एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 1,52,655 रुपये पर था. वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव 2,34,886 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर देखा गया.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी का हाल
वैश्विक स्तर पर बात करें तो अंतरराष्ट्रीय हाजिर सोना लगभग 0.2 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 4,340 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था. साप्ताहिक आधार पर देखें तो सोने की कीमतों में करीब 1.8 प्रतिशत की कमी आ चुकी है. इसके साथ ही चांदी की कीमतों में भी 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव 64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. सोने-चांदी के अलावा अन्य कीमती धातुओं जैसे प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी मंदी का रुख रहा.
महंगाई और कच्चे तेल का दबाव
शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने में अमेरिका की मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, जिसमें खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है, में 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. लाल सागर के समुद्री मार्गों में जहाजों की आवाजाही बाधित होने की आशंका से डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड का भाव 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. यमन में हूती बलों द्वारा प्रमुख बंदरगाहों पर कब्जा किए जाने और सऊदी अरब की 'ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन' पर ड्रोन हमलों के बाद इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले ने भी तेल की आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को बढ़ा दिया है.
Source - Etv Bharat
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