हैदराबाद: बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सोमवार, 14 सितंबर को दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. कोर्ट ने इस मामले की गहन जांच का निर्देश दिया था.

एफआईआर में कई लोगों के नाम हैं जिनकी भूमिकाओं की जांच की जानी है। इनमें शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, एक्टर डिनो मोरिया और सूरज पंचोली, आदित्य के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शामिल हैं.

दिशा सालियन के वकील नीलेश ओझा कहते हैं, 'दिशा सालियन से जुड़ी रिट याचिका पर हाई कोर्ट ने एक आदेश दिया था, जिसके आधार पर सीबीआई ने 12 तारीख को दिशा के पिता का बयान दर्ज किया. यह प्रक्रिया चार घंटे तक चली. इसके बाद, कल सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की. यह एफआईआर गैंगरेप, हत्या और पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले को दबाने की कोशिश, साथ ही आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज की गई है. इसमें मुख्य आरोपी आदित्य ठाकरे और सूरज पंचोली हैं, साथ ही डिनो मोरिया और आदित्य के बॉडीगार्ड भी शामिल हैं. साजिश में शामिल अन्य लोगों में परमबीर सिंह और रिया चक्रवर्ती भी हैं.'

एफआईआर में कहा गया है, 'उस समय के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (जो आदित्य ठाकरे के पिता हैं) और अन्य लोगों ने भी इस साजिश और बाद में मामले को छिपाने की कोशिश में अहम भूमिका निभाई थी. संबंधित सरकारी अधिकारियों और पुलिस अफसरों के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए. उन पर केस से जुड़े कागजात, फाइलें और दूसरे सरकारी रिकॉर्ड नष्ट करने या छिपाने, सरकारी रिकॉर्ड में हेर-फेर करने, और गैर-कानूनी कामों व अपराधियों को बचाने के लिए सरकारी फंड, मैनपावर और पुलिस मशीनरी का गलत इस्तेमाल करने के आरोप हैं.'

एफआईआर में कहा गया है कि लिस्ट में शामिल लोगों से मुख्य अपराधों, आपराधिक साजिश, बाद में आत्महत्या की झूठी कहानी बनाने और फैलाने और सबूतों को छिपाने, नष्ट करने या मनगढ़ंत सबूत बनाने के आरोपों के सिलसिले में पूछताछ की जाएगी.

इसमें मालवणी पुलिस स्टेशन से जुड़े अधिकारियों, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों और स्टाफ, कलिना में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के अधिकारियों, रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के सदस्यों और अन्य अज्ञात लोगों के नाम भी शामिल हैं.

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Contributor at National Media Alliance

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